पहले आप-पहले आप में उलझे रहे गहलोत-पायलट
- और गुर्जर पटरी पर बैठ गए
जयपुर। गुर्जर आरक्षण पर बयान को लेकर सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट बीते दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पहले आप-पहले आप एक-दूसरे को कहते रहे, फिर भले ही जवाब डिप्टी सीएम ने दिया हो, लेकिन शुक्रवार को गुर्जर समाज रेलवे ट्रैक पर बैठ गया। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि इस बार समझौता नहीं होगा।
गुर्जरों को आरक्षण की चिट्ठी चाहिये। उन्होंने इस बार गुर्जर आंदोलनकारियों से अपील की है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाये। वहीं सीएम अशोक गहलोत ने एक बयान जारी करके कहा है कि राज्य स्तर पर गुर्जरों का कोई काम हो तो बता दें, लेकिन अब केंद्र सरकार स्तर पर ही आरक्षण पर कुछ तत्काल फैसला हो सकता है। वहीं राज्य सरकार ने वार्ता के लिए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है।राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में प्रसंज्ञान लिया है और मुख्य सचिव, एसीएस होम और डीजीपी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। आपको बता दे कि गुर्जर समाज आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 13 सालों से आंदोलनरत है, इन दौरान गुर्जर समाज ने 6 आंदोलन किए। 4 बार भाजपा सरकार में, जबकि दो बार कांग्रेस सरकार गुर्जरों को आदोलन करना पड़ा है। अब तक आंदोलन के दौरान 76 गुर्जरों की मौत हो गई है।
जयपुर। गुर्जर आरक्षण पर बयान को लेकर सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट बीते दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पहले आप-पहले आप एक-दूसरे को कहते रहे, फिर भले ही जवाब डिप्टी सीएम ने दिया हो, लेकिन शुक्रवार को गुर्जर समाज रेलवे ट्रैक पर बैठ गया। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि इस बार समझौता नहीं होगा।
गुर्जरों को आरक्षण की चिट्ठी चाहिये। उन्होंने इस बार गुर्जर आंदोलनकारियों से अपील की है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाये। वहीं सीएम अशोक गहलोत ने एक बयान जारी करके कहा है कि राज्य स्तर पर गुर्जरों का कोई काम हो तो बता दें, लेकिन अब केंद्र सरकार स्तर पर ही आरक्षण पर कुछ तत्काल फैसला हो सकता है। वहीं राज्य सरकार ने वार्ता के लिए पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है।राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में प्रसंज्ञान लिया है और मुख्य सचिव, एसीएस होम और डीजीपी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। आपको बता दे कि गुर्जर समाज आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 13 सालों से आंदोलनरत है, इन दौरान गुर्जर समाज ने 6 आंदोलन किए। 4 बार भाजपा सरकार में, जबकि दो बार कांग्रेस सरकार गुर्जरों को आदोलन करना पड़ा है। अब तक आंदोलन के दौरान 76 गुर्जरों की मौत हो गई है।

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