
नई दिल्ली। सरकारी ऑडिट एजेंसी कैग ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल को कड़ी फटकार लगाई है। कैग ने सेल के पास तीन कैप्टिव कोयला खान होने के बावजूद आयातित कोयले पर निर्भर रहने के लिए आलोचना की है। सेल को हर साल लगभग 15 मिलियन टन कोकिंग कोयले की जरूरत होती है। इसमें से सेल 12 से 13 मिलियन टन कोयला आयात करता है। इसके लिए वैश्विक टेंडर आमंत्रित किये जाते हैं या फिर लंबी अवधि के समझौते होते हैं। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कंपनी आयातित कोयले पर निर्भर है। जबकि इसके पास तीन कैप्टिव कोयला खाने हैं, कैप्टिव माइंस का विकास देशी कोयले की उपलब्धता को मजबूत करता है और आयात की कीमतों में होने वाली उतार-चढ़ाव को से रक्षा करता है।
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