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शिरोमणि अकाली दल राजस्थान में चुनाव लडऩे की तैयारी में

- श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में प्रभावित हो सकते हैं राजनीतिक समीकरण
- अमरपाल सिंह वर्मा
श्रीगंगानगर। शिरोमणि अकाली दल राजस्थान विधानसभा चुनाव लडऩे की तैयारी में है। अकाली दल पंजाब में भाजपा का सहयोगी दल है। अगर अकाली दल ने राजस्थान में चुनाव लड़ा तो उसका ध्यान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ की सीटों पर ही ज्यादा रहेगा। अकाली दल दोनों जिलों मेंं कई सीटें समझौते में मांग सकता है। अगर भाजपा ने सीटें नहीं दीं तो अकाली दल के उम्मीदवार भाजपा प्रत्याशियों के समानांतर उतरने से पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
राजस्थान से चुनाव लडऩे का ऐलान पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने दो दिन पहले हरियाणा के पिपली में सभा में किया। इस सभा में सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) उत्तर प्रदेश और राजस्थान में राजनीतिक आधार दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। हरियाणा के बाद हमारी पार्टी उत्तरप्रदेश और राजस्थान में चुनावी राजनीति में प्रवेश करने की योजना बना रही है।
सुखबीर के इस बयान से राजस्थान के चुनाव लडऩे के मंसूबों का पता चलता है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले सिख बहुल हैं। खासकर, संगरिया, सादुलशहर, करणपुर, पीलीबंगा, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ आदि विधानसभा क्षेत्रों में पंजाबियों और सिखों की आबादी काफी है और वे एकजुट हो जाएं तो निर्णायक साबित हो सकते हैं। पंजाब मेंं आतंकवाद के दौर में वर्ष १९९० के विधानसभा चुनाव में सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले अकाली दल (मान) ने श्रीगंगानगर जिले में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। तब हनुमानगढ़ जिला बना नहीं था। उस समय भले ही अकाली दल (मान) का एक भी प्रत्याशी जीत नहीं पाया लेकिन कुछ सीटों पर उसके प्रत्याशियों ने अच्छी बढ़त हासिल की थी।
इसके बाद प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाला अकाली दल प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यहां सक्रिय रहा है लेकिन अकाली नेताओं ने यहां हमेशा गैर कांग्रेसी उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाओं को ही संबोधित किया है। कभी भी यहां चुनाव नहीं लड़ा। इस बार अकाली दल के मैदान में उतरने से समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस और भाजपा के टिकट से वंचित रहने पर सिख नेता अकाली दल की गोद में जा सकते हैं। अगर अकाली दल उन्हें थपकी देकर अपने प्रत्याशी के रूप में मैदान मेंं उतार दे तो कोई हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए।

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