शिक्षा के प्रशासनिक ढांचे में बड़े परिवर्तन से असमंजस
-शिक्षा अधिकारी व कर्मचारी पदों की घट-बढ़ से आशंकित
श्रीगंगानगर। (एसबीटी न्यूज ) राज्य सरकार की ओर से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में किये जा रहे बड़े परिवर्तन के कारण शिक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन रही है। अधिकारियों को यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार किस लेवल के पद समाप्त करेगी और किन पदों में वृद्धि की जाएगी। हाल ही में केन्द्र व राज्य सरकार ने शिक्षा उन्नयन के लिए विभागीय प्रशासनिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन करने के आदेश जारी किए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा), सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) व शिक्षक शिक्षा (टीई) को एकीकृत कर 'समग्र शिक्षा अभियानÓ योजना लागू की है। इस अभियान के तहत प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के प्रशासनिक कार्य एक ही छत के नीचे करने की तैयारी चल रही है। समग्र शिक्षा अभियान के चलते माध्यमिक और प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारियों का कार्यभार कम करने की कवायद चल रही है। जिला मुख्यालय पर भी दोनों जिला शिक्षा अधिकारियों के वर्कलोड में कमी के प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय पर एक मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की चर्चाएं हो रही हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन प्रारम्भिक और माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्य करेंगे। इसी आदेश को लेकर शिक्षा अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बन गई हैं कि वर्तमान कार्यालयों के कर्मचारियों का समायोजन होगा या पद समाप्त होंगे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के पदों को समाप्त करने या परिवर्तन को लेकर भी असमंज है।
उपनिदेशक माध्यमिक महेन्द्र चौधरी की ओर से जारी आदेशों के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के लिए सम्भाग स्तरीय एकीकृत शिक्षा संकुल स्थापित किये जाएंगे। प्रत्येक संकुल में एक संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा, दो अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, एक लेखाधिकारी, एक उप जिला शिक्षा अधिकारी (शा.शि.), दो उप जिला शिक्षा अधिकारी संस्थापन की नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह जिला स्तरीय एकीकृत शिक्षा संकुल में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान के अधीन चार कार्यालय संचालित होंगे। इनमें एक जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, एक जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक व अतिरिक्त परियोजना समन्वयक का कार्यालय होगा। प्रधानाचार्य डाइट भी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन रहेंगे। ब्लॉक लेवल पर भी जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे।
शिक्षा गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकार की ओर से शिक्षा विभाग के ढांचागत परिवर्तन से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की सम्भावना बढ़ जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक हरचंद गोस्वामी ने बताया कि एकीकृत स्कूल शिक्षा के तहत दो शिक्षा अधिकारी उपनिदेशक स्तर, सभी ब्लॉक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला स्तर पर डिप्टी डायरेक्टर व रेंज स्तर पर संयुक्त निदेशक स्तर का अधिकारी प्रशासनिक कार्य का संचालन करेगा।
विभागीय ढांचे में परिवर्तन से अधिकारियों का कार्यभार कम होगा। जो अधिकारी पूर्व में 1500 से अधिक स्कूलों को सम्भाल रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत उन्हें 300 स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था देखनी होगी। इससे स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए शिक्षा अधिकारियों को अधिक समय मिलेगा।
श्रीगंगानगर। (एसबीटी न्यूज ) राज्य सरकार की ओर से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में किये जा रहे बड़े परिवर्तन के कारण शिक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन रही है। अधिकारियों को यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार किस लेवल के पद समाप्त करेगी और किन पदों में वृद्धि की जाएगी। हाल ही में केन्द्र व राज्य सरकार ने शिक्षा उन्नयन के लिए विभागीय प्रशासनिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन करने के आदेश जारी किए हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा), सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) व शिक्षक शिक्षा (टीई) को एकीकृत कर 'समग्र शिक्षा अभियानÓ योजना लागू की है। इस अभियान के तहत प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के प्रशासनिक कार्य एक ही छत के नीचे करने की तैयारी चल रही है। समग्र शिक्षा अभियान के चलते माध्यमिक और प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारियों का कार्यभार कम करने की कवायद चल रही है। जिला मुख्यालय पर भी दोनों जिला शिक्षा अधिकारियों के वर्कलोड में कमी के प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय पर एक मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की चर्चाएं हो रही हैं। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन प्रारम्भिक और माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्य करेंगे। इसी आदेश को लेकर शिक्षा अधिकारियों में असमंजस की स्थिति बन गई हैं कि वर्तमान कार्यालयों के कर्मचारियों का समायोजन होगा या पद समाप्त होंगे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के पदों को समाप्त करने या परिवर्तन को लेकर भी असमंज है।
उपनिदेशक माध्यमिक महेन्द्र चौधरी की ओर से जारी आदेशों के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के लिए सम्भाग स्तरीय एकीकृत शिक्षा संकुल स्थापित किये जाएंगे। प्रत्येक संकुल में एक संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा, दो अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, एक लेखाधिकारी, एक उप जिला शिक्षा अधिकारी (शा.शि.), दो उप जिला शिक्षा अधिकारी संस्थापन की नियुक्ति की जाएगी। इसी तरह जिला स्तरीय एकीकृत शिक्षा संकुल में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान के अधीन चार कार्यालय संचालित होंगे। इनमें एक जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, एक जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक व अतिरिक्त परियोजना समन्वयक का कार्यालय होगा। प्रधानाचार्य डाइट भी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन रहेंगे। ब्लॉक लेवल पर भी जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारी नियुक्त किये जाएंगे।
शिक्षा गुणवत्ता में होगा सुधार
सरकार की ओर से शिक्षा विभाग के ढांचागत परिवर्तन से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की सम्भावना बढ़ जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक हरचंद गोस्वामी ने बताया कि एकीकृत स्कूल शिक्षा के तहत दो शिक्षा अधिकारी उपनिदेशक स्तर, सभी ब्लॉक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला स्तर पर डिप्टी डायरेक्टर व रेंज स्तर पर संयुक्त निदेशक स्तर का अधिकारी प्रशासनिक कार्य का संचालन करेगा।
विभागीय ढांचे में परिवर्तन से अधिकारियों का कार्यभार कम होगा। जो अधिकारी पूर्व में 1500 से अधिक स्कूलों को सम्भाल रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत उन्हें 300 स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था देखनी होगी। इससे स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए शिक्षा अधिकारियों को अधिक समय मिलेगा।
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