तलाक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की नई व्यवस्था
राजस्थान हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि तलाक या विवाह विच्छेद के वैवाहिक विवादों में पारिवारिक न्यायालय जाने के लिए कोई अधिकतम समय सीमा लागू नहीं होती। कोर्ट ने समय सीमा के आधार पर वाद खारिज करने का बूंदी पारिवारिक न्यायालय का फैसला रद्द कर मामला पुन: सुनवाई के लिए लौटा दिया। न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह व न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने एक विवाहिता की अपील पर यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक मामलों में उत्पन्न विवाद के कारण लगातार बने रहते हैं और इन्हें 'कंटीन्यूअस कॉज ऑफ एक्शनÓ माना जाता है। इसलिए तलाक या विवाह विच्छेद की याचिका किसी भी समय दायर की जा सकती है।

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