जलदाय विभाग की मिलीभगत से हो रही पेयजल की चोरी
श्रीगंगानगर के कॉलोनाइजर और जलदाय विभाग में मिलीभगत का खेल उजागर हो रहा है। दो प्रमुख कालोनियों में जहां उपभोक्ताओं की संख्या सैकड़ों में है, वहां सिर्फ गिनती के पेयजल कनेक्शन लिए गए हैं। कॉलोनाइजरों ने पुरानी कॉलोनियों का विस्तार कर विभाग से मंजूरी लिए बिना ही पाइप लाइन डाल दी। विभागीय अफसरों ने मिलीभगत का खेल ऐसा खेला कि सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा दिया।
जलदाय विभाग को चूनना लगाने वाले कुछ तत्कालीन अधिकारियों का तबादला हो गया तो कुछ सेवानिवृत्त भी हो गए। उनकी जगह जो नए आए उन्होंने आंखें मूंद ली। कई नए अफसरों ने भी मिलीभगत का पूरा फार्मूला नई कॉलोनियों में अख्तियार कर लिया।
जलदाय विभाग को चूनना लगाने वाले कुछ तत्कालीन अधिकारियों का तबादला हो गया तो कुछ सेवानिवृत्त भी हो गए। उनकी जगह जो नए आए उन्होंने आंखें मूंद ली। कई नए अफसरों ने भी मिलीभगत का पूरा फार्मूला नई कॉलोनियों में अख्तियार कर लिया।
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