श्रीराम शरणम् मन्दिर में गीता ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति
मनुष्य को कर्मों का फल अवश्य मिलता है, उसे अपने कर्मों के प्रति सजग रहना चाहिए। श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म, ज्ञान, और संन्यास के विषय में विस्तृत ज्ञान प्रदान करते हैं, और अंत में अर्जुन को अपनी इच्छा अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता देते हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट करते हैं कि कर्मों का फल अवश्य मिलता है।
साधकों ने इन पंक्तियों का वाचन गीता के अ_ारहवें और अंतिम अध्याय मोक्ष संन्यास योग में किया। हनुमानगढ़ रोड स्थित श्रीराम शरणम् मन्दिर में श्रीराम शरणम् के संस्थापक स्वामी सत्यानंद महाराज को प्रभु श्रीराम के साक्षात्कार के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गत 22 जून से चल रहे गीता ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति सत्संग में।
साधकों ने इन पंक्तियों का वाचन गीता के अ_ारहवें और अंतिम अध्याय मोक्ष संन्यास योग में किया। हनुमानगढ़ रोड स्थित श्रीराम शरणम् मन्दिर में श्रीराम शरणम् के संस्थापक स्वामी सत्यानंद महाराज को प्रभु श्रीराम के साक्षात्कार के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गत 22 जून से चल रहे गीता ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति सत्संग में।

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