दूसरी कक्षा तक के बच्चों की पाठ्य पुस्तकें स्थानीय भाषा में होंगी
राजस्थान में सरकारी स्कूलों के दूसरी कक्षा तक के नन्हे बच्चों को शिक्षा विभाग प्रदेश की स्थानीय भाषा सिखाने के लिए इन्हीं में पाठ्य पुस्तकें लाने जा रहा है। प्रदेश में अलग-अलग हिस्सों में बोली जाने वाली भाषाओं के हिसाब से पुस्तकें तैयार होंगी। जैसे हाड़ौती, ढूंढाड़ी, शेखावटी, मेवाती, ब्रज इत्यादि भाषा में स्कूली किताबें लाने के लिए शिक्षा विभाग इसका शब्दकोश बनाने में लगा है। इसके कम्पलीट होने के बाद बाल वाटिका (नर्सरी) से दूसरी कक्षा तक पढऩे वाले करीब 7 लाख बच्चों को स्थानीय भाषा में ही पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा वहीं सरकार शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कृति-धर्म का ज्ञान भी पढ़ाने की तैयारी है।
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