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तीसरे दिन भी नहीं थमा सीएमएचओ पद को लेकर दावेदारी का विवाद

- बसंल बोले: कोर्ट के आदेश के बाद मैं सीएमएचओ
श्रीगंगानगर। जिले में सीएमएचओ पद को लेकर शनिवार से जारी विवाद सोमवार को तीसरे दिन भी अनसुलझा रहा। दोपहर तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई कि सीएमएचओ कौन है? इस पद पर स्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारी डॉ. नरेश बंसल और डॉ. गिरधारीलाल मेहरड़ा अपनी-अपनी दावेदारी जता रहे हैं। दोनों अपने आप को सही ठहरा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बीच जहां सोमवार को डॉ. बसंल अवकाश पर चले गए, वहीं डॉ. मेहरड़ा ने खसरा-रुबैला अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में बतौर सीएमएचओ शिरकत की।
12 जुलाई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उप शासन सचिव ने आदेश जारी कर डॉ. गिरधारीलाल मेहरड़ा को सीएमएचओ और डॉ. नरेश बंसल को जिला चिकित्सालय में उप नियंत्रक के पद पर नियुक्ति दी थी।
डॉ. बंसल द्वारा चार्ज न देने पर मेहरड़ा ने 13 जुलाई को खुद ही चार्ज एज्यूम कर लिया। इसके बाद 20 जुलाई को डॉ. बंसल इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आए। उसी रात उन्होंने चार्ज भी ले लिया। इसकी जानकारी मिलने पर रविवार को ऑफिस पहुंचे डॉ. मेहरड़ा ने 9 दिनों के अंतराल में दूसरी बार चार्ज लेकर दो आदेश निकाल दिए। पहले से डॉ. बंसल को रिलीव कर दूसरे आदेश में विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके अलावा किसी अन्य को ऑफिस रिकार्ड न दें। किसी दूसरे के आदेश भी ना मानें। इस सबके चलते सोमवार को गहमागहमी रहने के आसार थे, लेकिन किसी काम के चलते डॉ. बंसल ऑफिस नहीं पहुंचे। ऑफिस में भी इसी को लेकर चर्चा होती रही।
डॉ. बंसल ने पूछने पर बताया कि काम के चलते अवकाश लिया है। सीएमएचओ पद को लेकर जारी विवाद का जिक्र करने पर उन्होंने बताया कि विभाग के आदेश पर कोर्ट ने उन्हें स्टे दिया है। इस नाते वे ही सीएमएचओ हैं। डॉ. मेहरड़ा ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है। इसकी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।
दूसरी ओर डॉ. मेहरड़ा ने कहा कि विभाग ने उन्हें इस पद पर नियुक्ति दी है, इसलिए वे ही सीएमएचओ हैं। विभागीय आदेश की पालना में सोमवार को खसरा-रूबैला के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुआ। अभी फील्ड में हूं। विभाग ने जो जिम्मेदारी दी है, उसी अनुरूप कार्रवाई जा रही है। मेरी ओर से विवाद नहीं है।


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