स्पेशल अलाउंस को बेसिक सैलरी में नहीं जोडऩे पर कार्रवाई करेगा ईपीएफओ
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भविष्य निधि (पीएफ) गणना में विशेष भत्ते को मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी में शामिल नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट के ईपीएफ गणना में मूल वेतन के हिस्से में विशेष भत्ते को शामिल करने की व्यवस्था के एक दिन बाद ईपीएफओ ने यह निर्णय किया है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी कि कर्मचारियों के भविष्य निधि गणना मामले में विशेष भत्ता मूल वेतन का हिस्सा है। बता दें कि कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ की सामाजिक सुरक्षा योजना मद में देना होता है। इतना ही योगदान नियोक्ता भी करता है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, 'फैसले को देखते हुए ईपीएफओ उन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जो ईपीएफ योगदान के लिए विशेष भत्ते को उसमें शामिल नहीं करते।

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