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कल तक एरिक्सन को 543 करोड़ रुपये नहीं दिए तो अंबानी को जेल!

कोलकाता। कर्ज से लदी रिलायंस कम्युनिकेशंस की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एक ट्राइब्यूनल ने आरकॉम और इसकी एक सब्सिडियरी से कहा है कि वे भारती इंफ्राटेल को 16.43 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी का भुगतान करें। यह रकम 11 मार्केट्स में टावर साइट्स को तय समय से पहले बंद करने के लिए एग्जिट/इनवॉइस चार्जेज की मद में दी जानी है। आरकॉम टेलीकॉम डिपार्टमेंट को 21 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम पेमेंट पर डिफॉल्ट कर चुकी है। 19 मार्च तक उसे स्वीडन की एरिक्सन को 453 करोड़ रुपये भी देने हैं। अगर उसने एरिक्सन को यह रकम नहीं दी तो उसके चेयरमैन अनिल अंबानी को तीन महीने की जेल हो सकती है। इसके अलावा करीब 46000 करोड़ रुपये के कर्ज से लदी आरकॉम को अप्रैल में 281 करोड़ रुपये का भुगतान भी करना है। आरकॉम ने ताजा घटनाक्रम से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया। भारती एयरटेल की लिस्टेड टावर कंपनी भारती इंफ्राटेल ने जो आरोप लगाए हैं, वे आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम के साथ उसके मास्टर सर्विसेज एग्रीमेंट से जुड़े हैं। यह एग्रीमेंट अप्रैल 2010 में हुआ था। इसके तहत मोबाइल सर्विसेज के लिए 11 सर्कलों में पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जाना था। पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में टावर, शेल्टर, डीजल जेनसेट, एयर कंडीशनर और सिविल/इलेक्ट्रिक वक्र्स आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के तीन रिटायर्ड जजों की सदस्यता वाले एक आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल ने 11 मार्च 2019 को आरकॉम और आरटीएल को निर्देश दिया था कि वे किसी नेशनलाइज्ड बैंक के जरिए चार सप्ताहों के भीतर भारती इंफ्राटेल के पक्ष में बैंक गारंटी दें।

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