मोबाइल खर्च दोगुना होने वाला है, इनकमिंग जारी रखने के लिए खर्च करने होंगे रुपये
नई दिल्ली। आने वाले दिनों में आपका मोबाइल खर्च दोगुना हो सकता है. सभी टेलीकॉम कंपनियां आने वाले दिनों में मिनिमम प्रीपेड रिचार्च को दोगुना करने जा रही हैं।
बढ़ी कीमतों के बाद मिनिमम रिचार्ज 75 रुपये हो जाएगा. वर्तमान में यह 35 रुपये है. मतलब, तब आपको 28 दिनों तक इनकमिंग सुविधा के लिए 75 रुपये खर्च करने होंगे. पिछले साल नवंबर महीने से सभी टेलीकॉम कंपनियों ने इनकमिंग की सुविधा को जारी रखने के लिए प्रीपेड ग्राहकों को मिनिमम रिचार्ज करवाना जरूरी कर दिया था. उस समय मिनिमम रिचार्ज वैल्यू 35 रुपये था. उस दौरान ञ्जक्र्रढ्ढ ने बस इतना कहा था कि सभी कंपनियां अपने ग्राहकों को इसकी जानकारी दे. इसके अलावा टैरिफ को लेकर ञ्जक्र्रढ्ढ ने कोई सवाल नहीं खड़ा किया था. दरअसल, सभी कंपनियां फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रही है. इसकी वजह से कंपनियों ने यह फैसला उठाया. मिनिमम प्रीपेड रिचार्ज को बढ़ाने के संकेत ्रद्बह्म्ह्लद्गद्य ने दिए हैं. कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने हाल ही में कहा कि लंबी अवधि की वैधता के दिन अब लद गए हैं।
एक वक्त था जब कंपनियां ग्राहकों को नेटवर्क पर जोड़े रखने के लिए लाइफ टाइम रिचार्ज के ऑफर दिया करती थीं. कंपनियों का कहना है कि मार्केट में कॉम्पीटिशन बहुत ज्यादा है. सभी कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं. ऐसे में उन ग्राहकों की कमी नहीं है जो सिम तो रखते हैं, उससे सुविधा लेते हैं लेकिन रिचार्ज नहीं करवाते हैं. ऐसे ग्राहकों की संख्या करीब 1 करोड़ से भी ज्यादा है. देश में तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिसमें जियो द्वारा सेवाएं शुरू करने पर फ्री इनकमिंग जारी रखने को लेकर कोई प्लान नहीं लाया गया, इसके बाद वित्तीय संकट झेल रही कंपनियों ने न्यूनतम रीचार्ज राशि प्रणाली लेकर आईं.
बढ़ी कीमतों के बाद मिनिमम रिचार्ज 75 रुपये हो जाएगा. वर्तमान में यह 35 रुपये है. मतलब, तब आपको 28 दिनों तक इनकमिंग सुविधा के लिए 75 रुपये खर्च करने होंगे. पिछले साल नवंबर महीने से सभी टेलीकॉम कंपनियों ने इनकमिंग की सुविधा को जारी रखने के लिए प्रीपेड ग्राहकों को मिनिमम रिचार्ज करवाना जरूरी कर दिया था. उस समय मिनिमम रिचार्ज वैल्यू 35 रुपये था. उस दौरान ञ्जक्र्रढ्ढ ने बस इतना कहा था कि सभी कंपनियां अपने ग्राहकों को इसकी जानकारी दे. इसके अलावा टैरिफ को लेकर ञ्जक्र्रढ्ढ ने कोई सवाल नहीं खड़ा किया था. दरअसल, सभी कंपनियां फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रही है. इसकी वजह से कंपनियों ने यह फैसला उठाया. मिनिमम प्रीपेड रिचार्ज को बढ़ाने के संकेत ्रद्बह्म्ह्लद्गद्य ने दिए हैं. कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने हाल ही में कहा कि लंबी अवधि की वैधता के दिन अब लद गए हैं।
एक वक्त था जब कंपनियां ग्राहकों को नेटवर्क पर जोड़े रखने के लिए लाइफ टाइम रिचार्ज के ऑफर दिया करती थीं. कंपनियों का कहना है कि मार्केट में कॉम्पीटिशन बहुत ज्यादा है. सभी कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं. ऐसे में उन ग्राहकों की कमी नहीं है जो सिम तो रखते हैं, उससे सुविधा लेते हैं लेकिन रिचार्ज नहीं करवाते हैं. ऐसे ग्राहकों की संख्या करीब 1 करोड़ से भी ज्यादा है. देश में तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिसमें जियो द्वारा सेवाएं शुरू करने पर फ्री इनकमिंग जारी रखने को लेकर कोई प्लान नहीं लाया गया, इसके बाद वित्तीय संकट झेल रही कंपनियों ने न्यूनतम रीचार्ज राशि प्रणाली लेकर आईं.
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