
नई दिल्ली। शहद में घालमेल करने वाली कंपनियों पर एफएसएसएआई नकेल कसने जा रही है। शहद की गुणवत्ता जांचने के लिए एफएसएसएआई नए गाइडलाइन लेकर आई है। इसमें शहद की शुद्धता और क्वालिटी भी साफ साफ पता चल सकेगा। शहद के लिए एफएसएसएआई के नए मानकों के हिसाब से शहद में पानी 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। शहद में अब चीनी, चावल या मक्के का सिरप की जांच होगी। शहद में कम से कम 25,000 पीपीएम पॉलन्स जरूरी है। शहद का जमना भी जरूरी होगा। हालांकि नए स्टैंडड्र्स से शहद कारोबारी नाखुश हैं।
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